• Sun. Aug 9th, 2026

18 जुलाई को ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का महाअभियान, बिलासपुर में लगेंगे लाखों पौधे कलेक्टर ने तैयारियों की समीक्षा की, बोले— पौधे कम लगाएं, लेकिन उन्हें बचाना हमारी प्राथमिकता हो

Byumakant mishra

Jul 11, 2026

बिलासपुर :— जिले में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को जनभागीदारी के साथ सफल बनाने के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने अभियान की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्थानीय ग्रामीणों, जन प्रतिनिधियों, स्वयं सहायता समूहों, सामाजिक संस्थाओं तथा उद्योगों के सहयोग से इसे जनआंदोलन का स्वरूप दिया जाए। उन्होंने कहा कि पौधे लगाना आसान है, लेकिन उन्हें बचाना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। इसलिए वृक्षारोपण के साथ-साथ पौधों के संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाए।

जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में आयोजित बैठक में बताया गया कि जिले में वर्तमान में करीब 14.50 लाख पौधे उपलब्ध हैं। इनमें लगभग 12.25 लाख पौधे वन विभाग तथा 2.25 लाख पौधे उद्यान विभाग की नर्सरियों में तैयार रखे हुए हैं। उद्यान विभाग द्वारा करीब 75 हजार पौधे इच्छुक नागरिकों को निःशुल्क वितरित किए जाएंगे। इसके लिए सरकंडा, वेदपरसदा (मस्तूरी), बहतराई (तखतपुर) और करगीकला (कोटा) स्थित नर्सरियों से पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे। इस वर्ष अभियान में मुख्य रूप से फलदार एवं छायादार पौधों के रोपण पर जोर दिया जाएगा। बड़े आकार के पौधे लगाए जायेंगे।

कलेक्टर ने कहा कि इस वर्ष ब्लॉक प्लांटेशन की अवधारणा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि पौधों की नियमित देखरेख और संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने निर्देश दिए कि पौधरोपण के बाद पौधों की जिम्मेदारी बिहान की महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपी जाए, ताकि भविष्य में फल उत्पादन से उन्हें अतिरिक्त आय का लाभ भी मिल सके। उन्होंने ऐसे पौधों के रोपण पर बल दिया, जो पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीणों की आजीविका बढ़ाने में भी सहायक हों। बैठक में कलेक्टर ने बताया गया कि 18 जुलाई को जिलेभर में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण किया जाएगा। अभियान में स्थानीय विधायक, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन, शैक्षणिक संस्थान और आम नागरिक भी सहभागी होंगे। स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, शासकीय कार्यालयों तथा शासकीय भूमि पर पौधरोपण के लिए गड्ढे खोदने सहित अन्य तैयारियां प्रारंभ हो चुकी हैं।

कलेक्टर ने प्रत्येक विकासखंड में एक मॉडल गांव विकसित करने के निर्देश उद्यान विभाग को दिए। इन गांवों को किसी एक विशेष फलदार प्रजाति, जैसे आम, अमरूद या मुनगा के आधार पर विकसित किया जाएगा, ताकि भविष्य में ये गांव फल उत्पादन के साथ ग्रामीणों की आय बढ़ाने के मॉडल बन सकें। उन्होंने उद्योगों एवं सार्वजनिक उपक्रमों से भी अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उद्योग प्रतिनिधियों ने अभियान में सहयोग का भरोसा दिलाया। कलेक्टर ने कहा कि उद्योगों के आसपास उपलब्ध भूमि पर भी पौधरोपण किया जाए, जिससे उनकी नियमित देखरेख और संरक्षण बेहतर ढंग से हो सके।बैठक में नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप अग्रवाल, डीएफओ नीरज सहित विभिन्न शासकीय विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों एवं उद्योग संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

umakant mishra

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *