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यही सही संगठन है जो पेंशनरों की समस्याओं के समाधान हेतु संघर्ष करने की क्षमता रखता है – डॉ विनय पाठक  भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ की प्रांतीय कार्यसमिति बैठक बिलासपुर में संपन्न   अनेक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित  जनवरी में बस्तर संभाग में होगी अगली बैठक

Byumakant mishra

Sep 8, 2026

बिलासपुर  :— भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ की कार्यसमिति की बैठक रविवार 6 सितंबर 2026 को नेहरू चौक के पास जलसंसाधन परिसर स्थित प्रार्थना भवन बिलासपुर में संपन्न हुआ। बैठक में प्रदेशभर के जिला अध्यक्ष, संभागीय अध्यक्ष, प्रांतीय पदाधिकारी, राज्य के राष्ट्रीय पदाधिकारी एवं कार्यसमिति सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ छत्तीसगढ़ भाषा आयोग छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व अध्यक्ष, शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय बिलासपुर में विभागाध्यक्ष प्राध्यापक के पद से सेवानिवृत,छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध साहित्यकार, थावे विद्यापीठ गोपालगंज बिहार के कुलपति डॉ विनय पाठक द्वारा भारतमाता के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।

इस अवसर पर अपने उद्बोधन में डॉ पाठक ने कहा कि पेंशनर न कभी रिटायर होते है और न कभी टायर्ड होते हैं। वे सेवानिवृत्त के बाद बल्कि पुनर्प्रवृति की ओर आगे बढ़ते हैं। मैने सोशल मीडिया और प्रिंट मीडिया में आने वाले खबरों से समझा – जाना है कि भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश में राष्ट्रवादी विचारधारा के साथ कार्य करने वाला ऐसा पेंशनर संगठन है, जिसने ईमानदारी, अनुशासन एवं निष्ठा के आधार पर राज्य में अपनी अलग पहचान स्थापित की है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश का पेंशनर वर्ग, पेंशनर्स महासंघ के नेतृत्व पर भरोसा कर रहा है क्योंकि यही सही संगठन है जो पेंशनरों की समस्याओं के समाधान हेतु संघर्ष करने की क्षमता रखता है।उन्होंने इस बात पर भी खुशी जाहिर किया कि भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ के पहल पर पेंशनरों को महंगाई राहत भुगतान करने हेतु मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ शासन के बीच सहमति की अनिवार्यता समाप्त हो गई है। उन्होंने अपने संबोधन में छत्तीसगढ़ में छत्तीसगढ़ी भाषा विकास के लिए पेंशनरों काम करने का भी आग्रह किया।

प्रांतीय कार्यसमिति की बैठक को संबोधित करते हुए प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने संगठन के उद्देश्य, कार्ययोजना एवं आगामी कार्यक्रमों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए 2% डी आर को लेकर जिला और संभाग स्तर पर अलग अलग तिथियों मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर और कमिश्नर के माध्यम से प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपकर शासन का इस विषय पर शासन का ध्यान आकर्षण करने के सफल आयोजन करने पर सभी पदाधिकारियों को धन्यवाद दिया। इसी भांति भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ के स्थापना दिवस 3 अगस्त के निमित्त पूरे अगस्त माह भर जिलों में तरह तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाने पर आभार व्यक्त किया और इसी तरह आगे भी प्रांत के निर्णय पर अमलकर कर पेंशनर हित में कार्य करने का आव्हान किया। अपने संबोधन में मुख्य सचिव विकासशील से 11 सूत्रीय मांगों पर हुई चर्चा के बारे में विस्तार से जानकारी भी दिया उन्होंने आगामी 17 दिसंबर को राष्ट्रीय पेंशनर दिवस को पूरे उत्साह एवं गरिमा के साथ मनाने तथा पेंशनरों के अधिकारों की लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाने का आव्हान किया।

बैठक में बिलासपुर जिला अध्यक्ष राकेश जैन ने सभी अतिथियों का स्वागत किया तथा मुख्य अतिथि डॉ विनय पाठक जी को प्रतीक चिन्ह भेंट कर शाल श्रीफल से भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ की ओर से अभिनंदन किया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि डॉ विनय पाठक ने भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ में देशभर में सर्वाधिक आजीवन सदस्य बनाने के लिए दुर्ग जिला के अध्यक्ष बी के वर्मा को, नक्सल प्रभावित क्षेत्र बस्तर संभाग के सभी जिले में महासंघ को गतिशील करने हेतु बस्तर संभाग के अध्यक्ष आर एन ताटी को तथा स्वयं के प्रयास से प्रदेश महामंत्री प्रवीण कुमार त्रिवेदी द्वारा अकेले सर्वाधिक आजीवन सदस्य बनाने के लिए भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

आगामी प्रांतीय कार्यसमिति की बैठक जनवरी 2027 में बस्तर संभाग में आयोजित करने का निर्णय लिया गया।

कार्यसमिति की बैठक में महिला प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय अध्यक्ष द्रौपदी यादव, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बी.के. वर्मा, राष्ट्रीय मंत्री अनिल गोल्हानी, रामनारायण ताटी, राष्ट्रीय कार्यसमिति के सदस्य परमेश्वर स्वर्णकार, एम एन पाठक, कार्यकारी प्रांताध्यक्ष जे पी मिश्रा आदि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन प्रांतीय महामंत्री प्रवीण कुमार त्रिवेदी ने किया तथा आभार प्रदर्शन बिलासपुर संभाग के संभागीय अध्यक्ष राजेन्द्र कश्यप ने किया।

संगठन मंत्री टी. पी. सिंह ने संगठन गीत का सामूहिक गायन कराते हुए जिला बैठकों की शुरुआत भारतमाता आराधना गीत से करने का आग्रह किया।

बैठक के अंत में महासंघ के दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि देते हुए दो मिनट का मौन रखा गया

बैठक में पारित प्रमुख प्रस्ताव

बैठक में पेंशनरों की विभिन्न लंबित मांगों एवं समस्याओं पर विस्तृत चर्चा के बाद 17 महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। इनमें प्रमुख रूप से राज्य सेवा के पेंशनरों एवं परिवार पेंशनरों को केंद्र के समान 1 जनवरी 2026 से 2% महंगाई राहत (डीआर) देने, पेंशन मामलों में दोहरी नीति समाप्त करने, मध्यप्रदेश से सहमति की अनिवार्यता समाप्त होने पर 88 माह के बकाया डीआर एरियर के भुगतान करने, “न मांग न जांच” प्रमाणपत्र समय पर जारी करने, कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने, हाईकोर्ट के निर्देश के परिपालन में दैनिक वेतन भोगी की संपूर्ण सेवा को पेंशन गणना में शामिल करने तथा छठवें वर्तमान और सातवें वेतन मान का 36 महीने और 32 महीने का एरियर भुगतान करने, 65 वर्ष की आयु से अतिरिक्त पेंशन वृद्धि, पेंशन कल्याण मंडल का पुनर्गठन, वरिष्ठ नागरिकों को बस यात्रा में रियायत, कम्यूटेशन वसूली अवधि घटाने, सेवानिवृत्ति के दिन सभी भुगतान सुनिश्चित करने, आधिक्य वसूली पर रोक, पृथक पेंशन सुविधा केंद्रों की स्थापना, सभी जिला और संभाग मुख्यालय में पेंशन कार्यालय की स्थापना, वरिष्ठ नागरिक कल्याण आयोग का गठन तथा पेंशनरों के निधन पर परिजनों को 25 हजार रुपये की एग्रेसिया सहायता राशि तथा समग्र पेंशनर कल्याण नीति निर्माण करने जैसी मांगें शामिल हैं।

महासंघ ने स्पष्ट कहा कि पेंशनरों की न्यायोचित मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशव्यापी आंदोलन की रणनीति तैयार करने हेतु प्रांताध्यक्ष को अधिकृत किया गया।

umakant mishra

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