बिलासपुर :— न्यायधानी के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल, सिम्स (SIMS) से एक बेहद संवेदनशील और दुखद मामला सामने आया है। अस्पताल के बर्न यूनिट में भर्ती एक मासूम बच्ची की मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज में घोर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि अगर समय रहते डॉक्टर उपलब्ध होते, तो उनकी बच्ची की जान बचाई जा सकती थी।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, मृत बच्ची तीन दिन पूर्व घरेलू दुर्घटना में झुलस गई थी। परिजनों ने उसे तत्काल बेहतर इलाज की उम्मीद में सिम्स अस्पताल के बर्न यूनिट में भर्ती कराया था। पिछले दो दिनों से बच्ची का उपचार चल रहा था। परिजनों के मुताबिक, आज अचानक बच्ची की तबीयत बिगड़ने लगी और उसे सांस लेने में तकलीफ होने लगी।
परिजनों का गंभीर आरोप: ‘डॉक्टर नहीं आए’
मृतक बच्ची के रोते-बिलखते परिजनों ने आरोप लगाया है कि जब बच्ची की स्थिति नाजुक हुई, तो उन्होंने वहां मौजूद स्टाफ से डॉक्टर को बुलाने की बार-बार मिन्नतें कीं। परिजनों का दावा है कि ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर को कई बार संदेश भेजा गया और संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन घंटों बीत जाने के बाद भी कोई जिम्मेदार डॉक्टर वार्ड में नहीं पहुंचा। उचित चिकित्सा न मिलने के कारण बच्ची ने तड़पते हुए दम तोड़ दिया।
सिम्स अस्पताल में इस तरह की लापरवाही की यह पहली घटना नहीं है, लेकिन एक मासूम की मौत ने पूरे प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
