बिलासपुर :— वंदे मातरम् मित्र मंडल के तत्वावधान में राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम्” के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आज देवकीनंदन चौक एवं भारतमाता चौक पर देशभक्ति गीतों का कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के पश्चात् उपस्थित नागरिकों ने वंदे मातरम् का सामूहिक गायन कर राष्ट्रप्रेम की भावना का सुंदर उदाहरण प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय जन चेतना के संवाहक बंकिम चंद्र चटर्जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक डॉ. चंद्रप्रकाश बाजपेयी ने कहा कि देश की आज़ादी का अलख जगाने वाला “वंदे मातरम्” गीत भारत के स्वतंत्रता संग्राम की आत्मा है। यह गीत भारत की राष्ट्रीय पहचान और स्थायी प्रतीक बन गया। स्वतंत्रता सेनानियों ने इसे गाकर अंग्रेजों की नींद उड़ा दी थी और अपने प्राणों की आहुति दी थी। उन्होंने बताया कि यह गीत 7 नवंबर 1875 को बंगदर्शन पत्रिका में प्रकाशित हुआ था। आज की पीढ़ी को इसके ऐतिहासिक महत्व से अवगत कराने की आवश्यकता है।
डॉ. विनोद तिवारी ने अपने उद्बोधन में कहा कि यह गीत हर भारतीय के हृदय में उत्साह और देशभक्ति की भावना जागृत करता है। इस गीत ने देश में आत्मनिर्भरता, एकता और स्वतंत्रता की प्रेरणा दी थी। उन्होंने वंदे मातरम् मित्र मंडल द्वारा राष्ट्रगीत के प्रचार-प्रसार और सामाजिक चेतना के कार्यों की प्रशंसा की।
कार्यक्रम में तनिष्क वर्मा ने भावपूर्ण भक्ति गीत प्रस्तुत किए तथा तिलकनगर पार्षद राजेश सिंह ठाकुर सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन प्रांताध्यक्ष महेंद्र जैन ने किया और वंदे मातरम् गीत का सामूहिक गायन प्रदेश महामंत्री जय सिंह चंदेल के नेतृत्व में हुआ।
